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जामताड़ा के व्यापारी 0.4% MDR के विरोध में उपवास कर रहे है, सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग कर रहे है

जामताड़ा के व्यापारी 0.4% MDR के विरोध में उपवास कर रहे है, सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग कर रहे है
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जामताड़ा में  0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को जामताड़ा गांधी चौक पर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से एक घंटे का उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चैंबर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने प्रस्तावित MDR को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया।चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि 0.4 प्रतिशत MDR लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

इसका असर आगे चलकर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और देश में UPI के माध्यम से बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है। ऐसे में UPI लेनदेन पर MDR लगाने का प्रस्ताव व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

संजय अग्रवाल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है और सरकार से जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि 15 अक्टूबर से पहले 0.4 प्रतिशत MDR संबंधी प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो व्यापारी UPI भुगतान को लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को प्रस्तावित UPI ट्रांजैक्शन डे को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। उनके अनुसार, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में MDR के मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है।

वहीं, फतेहपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अरविंद मंडल ने भी प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR का विरोध किया। उन्होंने इसे व्यापारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने विभिन्न स्लोगन लिखे बोर्ड के जरिए अपनी मांगें रखीं और सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

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