झारखंड के साहिबगंज में ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेन की जनरल बोगी में यात्रा कर रहे मोहम्मद सुमन मियां को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसके कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने की बात सामने आई है। उसके पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो कीपैड फोन, विदेशी मुद्रा और गुवाहाटी तक का रेल टिकट मिलने की जानकारी मिली है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और व्यक्ति की नागरिकता तथा भारत में प्रवेश से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
चेन पुलिंग के बाद जांच में पकड़ा गया संदिग्ध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करमटोला और साहिबगंज रेलवे स्टेशन के बीच ब्रह्मपुत्र मेल में चेन पुलिंग की घटना के बाद जांच की गई। इसी दौरान ट्रेन की जनरल बोगी में यात्रा कर रहे मोहम्मद सुमन मियां पर संदेह होने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने कथित तौर पर खुद को बांग्लादेश का नागरिक बताया।
जांच के दौरान उसके पास से तीन मोबाइल फोन, विदेशी मुद्रा और गुवाहाटी तक का रेल टिकट मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, बरामद सामान और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी हैं।
जुलाई में अवैध रूप से भारत आने का दावा
प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई है कि संबंधित व्यक्ति ने इस साल जुलाई के आसपास अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद वह दिल्ली होते हुए श्रीनगर पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सफर अली नाम के एक कबाड़ कारोबारी से होने की बात कही जा रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सफर अली के बारे में भी बांग्लादेश से करीब 30 वर्ष पहले भारत आने का दावा किया गया है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां संबंधित व्यक्तियों की पहचान, यात्रा के उद्देश्य और आपसी संपर्कों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
साहिबगंज रेल थाने में मामला दर्ज
बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात साहिबगंज रेल थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद मामले की जांच में संबंधित अधिकारियों की भूमिका और सक्रिय हो गई है। जांच के तहत संदिग्ध की यात्रा, उसके पास मिले सामान और भारत में प्रवेश से संबंधित दावों की जानकारी जुटाई जा रही है।
खुफिया एजेंसियां कर रहीं जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया विभाग के अधिकारी भी जांच में जुटे हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संदिग्ध व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या है, वह किन परिस्थितियों में भारत आया और उसकी यात्रा के पीछे क्या उद्देश्य था। साथ ही, उसके कथित संपर्कों और इस मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल, मामले में सामने आए कई तथ्य प्रारंभिक पूछताछ पर आधारित हैं। व्यक्ति की नागरिकता, भारत में प्रवेश के तरीके और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।






