चाईबासा कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने दिल्ली में जन-आंदोलनों, विरोध-प्रदर्शनों और नागरिकों की आवाजाही पर कथित पाबंदियों को लेकर केंद्र सरकार एवं प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार को सीमित करने की कोई भी कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
त्रिशानु राय ने कहा कि दिल्ली से सामने आ रही खबरें बेहद चिंताजनक है। मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, ट्रेन से दिल्ली पहुंच रहे लोगों को हिरासत में लेने, होटलों की बुकिंग रद्द कराने तथा स्वतंत्र पत्रकारों पर कथित प्रतिबंध और निगरानी जैसी शिकायतों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि इन कार्रवाइयों के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के सवालों का जवाब देती है, जनता की आवाज को दबाती नहीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। सरकार का दायित्व भय का माहौल बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा करना है।
राय ने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का अधिकार देता है। असहमति लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार को आलोचना से घबराने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। दिल्ली को अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि दिल्ली में कथित प्रतिबंधों और नागरिकों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाइयों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को शांतिपूर्ण विरोध, अभिव्यक्ति या लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेने के कारण परेशान न किया जाए।त्रिशानु राय ने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र, स्वतंत्र पत्रकारिता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाएं देश की स्थायी ताकत है। लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और उसे दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।






