झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत तेज हो गई है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक अवसरवाद करार देते हुए कहा कि सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के बजाय कांग्रेस को अपने बूथ लेवल अधिकारियों और बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से मतदाताओं की मदद करनी चाहिए।
अजय साह ने कहा कि झारखंड कांग्रेस का SIR विरोधाभासों से भरा हुआ है। उनके अनुसार, राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया BLO, BDO, CO, SDM और DC समेत विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। वहीं, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ता भी बूथ लेवल एजेंट (BLA) के रूप में इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस द्वारा पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाना उसकी अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका पर भी प्रश्न खड़े करता है।
घर-घर पहुंचकर हो रहा मतदाता सूची का पुनरीक्षण: अजय साह
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि झारखंड में BLO घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिवारों तक कई बार पहुंच बनाई जा रही है। जिन लोगों की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर दिया जा रहा है। इसके अलावा, फॉर्म-8 के जरिए पता परिवर्तन की प्रक्रिया भी जारी है।
अजय साह ने कहा कि इस पूरी कवायद में विभिन्न राजनीतिक दलों के BLA की भी अहम भूमिका है। ऐसे में कांग्रेस को केवल विरोध प्रदर्शन करने के बजाय अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना चाहिए, ताकि पात्र मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद मिल सके।
कांग्रेस से मांगा आंकड़ों और प्रमाणों का हिसाब

अजय साह ने कांग्रेस से सवाल किया कि पार्टी यह स्पष्ट करे कि उसके कितने कार्यकर्ता BLA के रूप में सक्रिय हैं। कितने लोगों ने फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया और उनमें से कितने आवेदन अस्वीकृत हुए? उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को लगता है कि मतदाता सूची से लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं, तो उसे ठोस आंकड़ों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है, लेकिन अब तक वह अपने दावों के समर्थन में ऐसे पर्याप्त आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर पाई है, जिनसे कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नामों की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन उन सवालों के साथ तथ्य और प्रमाण भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
कांग्रेस के विरोध को बताया राजनीतिक अवसरवाद
अजय साह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची से जुड़े पुराने विवादों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम शामिल होने के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मौजूदा विरोध राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण है। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रवक्ता के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक नौटंकी करने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की वास्तविक अनियमितता सामने आती है, तो पार्टी को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमाणों के साथ मामला उठाना चाहिए।
आंदोलन से ज्यादा जरूरी है मतदाताओं की मदद

भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कांग्रेस से अपील की कि वह अपने BLA को सक्रिय करे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लोगों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के नाम जुड़वाना, मतदाताओं को जरूरी प्रक्रिया की जानकारी देना और वास्तविक गड़बड़ियों को प्रमाणों के साथ सामने लाना राजनीतिक प्रदर्शन से अधिक महत्वपूर्ण है।
SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप ने झारखंड की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से आंकड़ों और तथ्यों के साथ क्या जवाब सामने आता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।






