बोकारो सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का नौ महीने से वेतन भुगतान नहीं होने पर उनका आक्रोश फूट पड़ा। नाराज कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय के दोनों गेट पर ताला जड़ दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण सदर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने बकाया वेतन के साथ टीडीएस, पीएफ, ग्रेच्युटी, परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
कर्मियों का कहना है कि पिछले नौ महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। त्योहार के समय भी वेतन का भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। परिवार का भरण-पोषण करना, बच्चों की स्कूल फीस जमा करना और रोजाना ड्यूटी पर पहुंचने के लिए वाहन में पेट्रोल भरवाना तक मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों के अनुसार, लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शनकारी कर्मियों ने बताया कि पहले राइडर कंपनी आउटसोर्सिंग का काम संभाल रही थी। आरोप है कि उस कंपनी के कार्यकाल के दौरान भी 49 दिनों का भुगतान बकाया रह गया। वर्तमान में जी अलर्ट कंपनी काम कर रही है, लेकिन कर्मियों का दावा है कि अब तक उन्हें लंबित वेतन और अन्य बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मियों के मुताबिक, जिले में लगभग 700 कर्मचारी भुगतान, पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके अलावा कई कर्मचारियों को परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र भी नहीं दिए जाने का आरोप है।

कर्मचारियों का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के समक्ष गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण अब उनके लिए नियमित रूप से काम करना भी कठिन होता जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के दोनों गेट बंद कर विरोध दर्ज कराया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और इंटक नेताओं के बीच झड़प होने की भी जानकारी सामने आई। इससे प्रदर्शन स्थल पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया गया।
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि बकाया भुगतान के साथ परिचय पत्र और नियुक्ति पत्र जारी करने को लेकर सहमति बन गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं, सिटी थाना के दरोगा राजेश ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलने पर जानकारी ली गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति सामान्य हो जाएगी।
अब सभी की निगाहें अधिकारियों और संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी के आश्वासन पर टिकी हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि निर्धारित समय के भीतर बकाया वेतन का भुगतान होगा और पीएफ, ग्रेच्युटी तथा दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।






