कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन दिनों से खराब होने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि अस्पताल में ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दूर-दराज के इलाकों से बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंच रहे मरीजों और उनके परिजनों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट खराब, मरीजों की बढ़ी परेशानी
SNMMCH में इलाज कराने के लिए धनबाद समेत आसपास के कई जिलों से मरीज पहुंचते हैं। गंभीर हालत में अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। ऐसे में अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का लगातार तीन दिनों तक खराब रहना चिंता का विषय है। जरूरी सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कई मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर लंबा सफर तय कर अस्पताल पहुंचते हैं। परिजनों को उम्मीद रहती है कि सरकारी अस्पताल में उन्हें समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन ऑक्सीजन प्लांट में खराबी के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर उन मरीजों के लिए स्थिति गंभीर हो सकती है, जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत है।
दूर-दराज से आने वाले मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल की इस स्थिति का असर दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर भी पड़ रहा है। लंबी दूरी तय कर SNMMCH पहुंचने के बाद यदि जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो, तो मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ मरीजों को निराश होकर लौटने या दूसरे विकल्प तलाशने की मजबूरी का सामना करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में ऑक्सीजन की अहम भूमिका को देखते हुए प्लांट में आई खराबी को जल्द दूर करना जरूरी है। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को समय पर ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलना उनकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर उठे सवाल
SNMMCH में ऑक्सीजन प्लांट के तीन दिनों से खराब रहने की स्थिति ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और तकनीकी रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे महत्वपूर्ण उपकरणों में खराबी आने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि मरीजों के उपचार में बाधा न आए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऑक्सीजन प्लांट को दुरुस्त करने में और कितना समय लगेगा? जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा कब तक सामान्य रूप से मिल पाएगी? अस्पताल प्रबंधन के लिए जरूरी है कि खराबी को जल्द ठीक कराने के साथ मरीजों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का बाधित होना उनके लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। SNMMCH में ऑक्सीजन प्लांट की खराबी को जल्द दूर कर स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य करना जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और उनकी जान पर अनावश्यक जोखिम न बढ़े।








