दुर्गा पूजा से पहले जामताड़ा शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जाने से खुदरा कारोबारियों में नाराजगी देखी जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर बुधवार को इंदिरा चौक से टावर चौक तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इस दौरान नगर पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहे। वहीं, संथाल परगना खुदरा व्यापारी संघ ने दुर्गा पूजा को देखते हुए प्रशासन से अभियान को त्योहार तक स्थगित करने की मांग की है।
इंदिरा चौक से टावर चौक तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बनी दुकानों और अन्य अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया। अभियान शुरू होते ही कई दुकानदार अपने बैनर और पोस्टर हटाते नजर आए। मौके पर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खण्डैत, थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो समेत पुरुष और महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।
जाम से राहत दिलाना प्रशासन का उद्देश्य
नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खण्डैत ने बताया कि शहर में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। सड़क किनारे दुकानों और अन्य संरचनाओं के कारण आवागमन प्रभावित होता है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शहर में यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके और लोगों को आने-जाने में सुविधा मिले।
दुर्गा पूजा तक अभियान रोकने की मांग
अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच संथाल परगना खुदरा व्यापारी संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सह समाजसेवी तरुण कुमार गुप्ता ने उपायुक्त से बातचीत कर त्योहार तक कार्रवाई रोकने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान नगर पंचायत अध्यक्ष के स्तर पर नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के आलोक में चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, रांची, धनबाद और मधुपुर सहित अन्य शहरों में भी इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि जामताड़ा जैसे छोटे शहर में बड़ी संख्या में खुदरा व्यापारी छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहार से ठीक पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने से उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है। ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए त्योहार तक अभियान स्थगित रखने की मांग की।
दुकानदारों को आर्थिक नुकसान की चिंता
अभियान के कारण कई दुकानदारों में असंतोष देखा गया। कारोबारियों का कहना है कि दुर्गा पूजा के दौरान बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ती है और इसी अवधि में होने वाली बिक्री से उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद रहती है। ऐसे समय में दुकानों को हटाए जाने से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
दूसरी ओर, प्रशासन का तर्क है कि शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने और आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक है।
प्रशासन और कारोबारियों के बीच संतुलन की उम्मीद
जामताड़ा में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। एक ओर शहर को जाम मुक्त बनाने की जरूरत है, तो दूसरी ओर त्योहार के मौसम में छोटे दुकानदारों की आजीविका का सवाल भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद है कि प्रशासन दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए कोई राहत देने पर विचार करेगा। हालांकि, अभियान को स्थगित करने या जारी रखने के संबंध में अंतिम निर्णय प्रशासन की ओर से ही लिया जाएगा।









