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धान की बालियों में दूध भरने का समय, जानें दिन और रात की बारिश का फसल पर क्या पड़ेगा असर कृषि विभाग ने जारी की जरूरी एडवाइजरी

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देवघर जिले के सारठ प्रखंड में इस वर्ष धान की फसल काफी बेहतर स्थिति में नजर आ रही है। खेतों में चारों ओर लहलहाती फसल को देखकर किसानों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा रही है। अनुकूल मौसम के चलते इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।

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धान की बालियों में दूध भरने का नाजुक दौर

​फसल के रखरखाव और मौसम के मिजाज को लेकर प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने विशेष जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में धान की बालियों में दूध भरने की प्रक्रिया चल रही है, जो चावल का दाना पुष्ट होने के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण चरण है।

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दिन की बारिश से लाभ, रात की बारिश से नुकसान की आशंका

​कृषि पदाधिकारी के अनुसार, इस दौर में मौसम की भूमिका काफी अहम हो जाती है। यदि इस समय दिन में बारिश होती है, तो यह धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। साथ ही, इससे मिट्टी में जो नमी बनेगी, वह आगे आने वाली रबी फसलों की बुवाई के लिए भी काफी उपयोगी सिद्ध होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि रात में होने वाली बारिश फसल के लिए नुकसानदेह हो सकती है।

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संतुलित उर्वरक और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर

​फसल की बेहतर गुणवत्ता और मिट्टी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शशांक शेखर ने किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन की सलाह दी। उन्होंने केवल रासायनिक खादों पर निर्भर रहने के बजाय रासायनिक और जैविक खादों का संतुलित मिश्रण इस्तेमाल करने तथा प्राकृतिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाने पर जोर दिया।

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