Palamu GST Scam: झारखंड के पलामू वाणिज्यकर प्रमंडल में फर्जी बिल के जरिये 1.22 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में 32 व्यापारियों पर फर्जी बिल तैयार कर गलत तरीके से टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया गया है।वहीं, पलामू वाणिज्यकर कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर राकेश प्रसाद पर विभागीय गोपनीय सूचनाएं लीक करने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों को लेकर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
Palamu GST Scam:फर्जी बिल से ITC का अनुचित लाभ लेने का आरोप
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, पलामू वाणिज्यकर प्रमंडल के 32 व्यापारियों ने कथित तौर पर फर्जी बिल के माध्यम से 1.22 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। इन आरोपों की विस्तृत जांच के लिए एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया गया है।
एसआइटी फर्जी बिलों, कारोबार से जुड़े लेन-देन और व्यापारियों की ओर से किए गए आईटीसी दावों की पड़ताल करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित अनियमितताओं को किस तरह अंजाम दिया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
डाटा एंट्री ऑपरेटर पर कार्रवाई के निर्देश
मामले में पलामू वाणिज्यकर कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर राकेश प्रसाद के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन पर विभागीय गोपनीय सूचनाएं लीक करने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं।शिकायत मिलने के बाद वाणिज्य कर विभाग ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की थी।
समिति ने प्रारंभिक जांच के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर राकेश प्रसाद से स्पष्टीकरण मांगने और उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के लिए निगरानी में प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर होगी।
मामले की विस्तृत जांच से सामने आएगी भूमिका
वाणिज्य कर विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद अब मामले की विस्तृत पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है। एसआइटी की जांच में फर्जी बिलों और कारोबारी लेन-देन से संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी। इससे कथित आईटीसी अनियमितताओं की प्रकृति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल, 32 व्यापारियों पर लगाए गए आरोप प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर आधारित हैं। जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
यह भी पढ़ें: JPSC Exam Scam: एल. ख्यांग्ते पर गंभीर आरोप, CID ने दाखिल की चार्जशीट








