Rural Healthcare: सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और गांव-गांव तक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने का दावा करती है लेकिन जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड में इन दावों की जमीनी हकीकत कुछ अलग ही नजर आ रही है। यहां खिजुरिया गांव में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य केंद्र का भवन चारों तरफ से घनी झाड़ियों से घिरा हुआ है और यहां तक पहुंचने का रास्ता भी झाड़ियों में गुम हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया यह केंद्र खुद बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
Rural Healthcare: बोर्ड लगा है, लेकिन केंद्र तक पहुंचना मुश्किल
फतेहपुर प्रखंड के खिजुरिया स्थित यह आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर साहिबगंज-गोविंदपुर मुख्य सड़क के समीप और प्रखंड कार्यालय से महज कुछ मिनट की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति ऐसी है कि पहली नजर में भवन को पहचानना भी मुश्किल हो जाता है। सेंटर के बाहर लगा बोर्ड स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदगी का संकेत तो देता है, लेकिन भवन तक पहुंचने वाला रास्ता घनी झाड़ियों से ढका हुआ है। भवन का बड़ा हिस्सा भी झाड़ियों के बीच छिप गया है।
मरीजों को इलाज से पहले करनी पड़ती है मशक्कत
स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को इलाज कराने के लिए केंद्र तक पहुंचने में ही काफी परेशानी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। बरसात के मौसम में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। वहीं, चारों तरफ फैली घनी झाड़ियों के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से साफ-सफाई और भवन के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति बनी हुई है। जिस भवन का निर्माण ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से किया गया था, उसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की समस्या केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है। यहां बिजली, पानी और सड़क जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। इन सुविधाओं के बिना स्वास्थ्य केंद्र का संचालन और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए रास्ता ही दुरुस्त नहीं है और भवन में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, तो इसका लाभ आम लोगों को कैसे मिलेगा?
एक साल पहले दिया गया था आवेदन, अब तक समाधान का इंतजार
इस संबंध में सुरेंद्र मेहता ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में बिजली, सड़क और पानी की गंभीर समस्या है। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग को करीब एक वर्ष पहले ही लिखित आवेदन दिया गया था। उस समय विभाग की ओर से फंड उपलब्ध होने के बाद आवश्यक कार्य कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में केंद्र आने वाले लोगों को आज भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Rural Healthcare: ग्रामीणों ने प्रशासन से की जल्द पहल की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रखंड प्रशासन से खिजुरिया स्थित आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की जल्द साफ-सफाई कराने के साथ ही झाड़ियों को हटाने, पहुंच पथ दुरुस्त करने और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल खिजुरिया का यह स्वास्थ्य केंद्र सरकारी योजनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
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