BCCL Workers Protest: कोल इंडिया के 52वें स्थापना दिवस पर बीसीसीएल कर्मियों का कार्य बहिष्कार: कोल इंडिया के 52वें स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर कंपनी और उसकी अनुषंगी इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कंपनी के कर्मियों में प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
BCCL Workers Protest: संडे-हॉलीडे वितरण में भेदभाव का आरोप
बीसीसीएल के एरिया-4 अंतर्गत एकीकृत वेस्ट मोदीडीह कोल परियोजना के वर्कशॉप कर्मियों ने संडे-हॉलीडे के वितरण में कथित अनियमितता और भेदभाव का आरोप लगाते हुए कार्य बहिष्कार किया तथा स्थानीय प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी कर्मियों का आरोप है कि परियोजना में संडे-हॉलीडे के वितरण को लेकर प्रबंधन दोहरी नीति अपना रहा है। उनका कहना है कि परियोजना के उत्पादन और परिवहन से जुड़े कर्मियों को नियमित रूप से संडे-हॉलीडे का लाभ दिया जा रहा है। जबकि वर्कशॉप में कार्यरत कर्मचारियों को लगातार कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों ने सवाल उठाया कि जब सभी विभाग परियोजना के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, तो वर्कशॉप कर्मियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

कर्मियों ने कहा कि किसी भी कोयला परियोजना का सुचारु संचालन वर्कशॉप की कार्यप्रणाली पर काफी हद तक निर्भर करता है। वर्कशॉप में मशीनों और वाहनों के रखरखाव से लेकर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तक की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में वर्कशॉप कर्मियों की अनदेखी करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि प्रबंधन की कथित दोहरी नीति के कारण कर्मचारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन का असर परियोजना के उत्पादन एवं परिवहन कार्यों पर भी देखने को मिला। कर्मियों के विरोध के कारण परियोजना के सामान्य कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई।
प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह उत्पादन और परिवहन से जुड़े कर्मचारियों को नियमित रूप से संडे-हॉलीडे का लाभ दिया जा रहा है, उसी तरह वर्कशॉप कर्मियों को भी बिना भेदभाव इसका लाभ मिलना चाहिए। यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।
कोल इंडिया के स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर कर्मचारियों का इस तरह कार्य बहिष्कार करना प्रबंधन के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। अब देखना होगा कि स्थानीय प्रबंधन कर्मियों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और संडे-हॉलीडे वितरण को लेकर जारी विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।
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