पटना: Bihar Chunav 2025 के पहले चरण के मतदान (6 नवंबर) में अब गिनती के दिन बचे हैं। प्रचार के इस आखिरी दौर में, शनिवार को सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खराब मौसम और बारिश की चुनौतियों के बावजूद, एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के शीर्ष नेताओं ने राज्य भर में रैलियाँ कीं और मतदाताओं को लुभाने के लिए वादों और एक-दूसरे पर हमलों का दौर तेज कर दिया।


एनडीए ने झोंकी ताकत: अमित शाह, नड्डा और नीतीश ने संभाला मोर्चा
एनडीए की ओर (Bihar Chunav) से आज भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने प्रचार की कमान संभाली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज, समस्तीपुर के उजियारपुर और हाजीपुर में तीन जनसभाओं को संबोधित किया। उजियारपुर में उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि “महागठबंधन हमसे नहीं, बल्कि खुद से लड़ रहा है।”
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सीवान के गोरियाकोठी और मुजफ्फरपुर के औराई में रैलियाँ कीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मौसम की खराबी के बीच एक वीडियो संदेश जारी कर जनता से एनडीए को एक और मौका देने की अपील की। अपने 3 मिनट 53 सेकंड के संदेश में उन्होंने अपनी सरकार के काम-काज को गिनाया। उन्होंने कहा, “हमने हिंदू, मुसलमान, अपर कास्ट, दलित, पिछड़ा सबके उत्थान के लिए काम किया। आज स्थिति यह है कि ‘बिहारी’ कहलाना अपमान नहीं, बल्कि दुनिया भर में सम्मान का विषय है।”
महागठबंधन का पलटवार: प्रियंका गांधी और तेजस्वी ने संभाला मोर्चा
महागठबंधन की (Bihar Chunav) ओर से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज बेगूसराय के बछवाड़ा में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और सब कुछ दिल्ली से नियंत्रित हो रहा है। प्रियंका ने पलायन, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरा और जनता से “बदलाव के लिए वोट” देने की अपील की।
3 सीटों पर मोबाइल फोन के जरिए हुई सभा संबोधित
दूसरी ओर, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव का प्रचार अभियान भी खराब मौसम से प्रभावित हुआ। उनकी आज 16 जनसभाएं प्रस्तावित थीं। हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाने के कारण उन्होंने 3 सीटों पर मोबाइल फोन के जरिए ही सभा को संबोधित किया। हालांकि, मौसम साफ होने के बाद वे रघुनाथपुर (सीवान) पहुंचे और वहां ओसामा शहाब के लिए वोट मांगे। तेजस्वी लगातार हर परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक न्याय के मुद्दे को अपने प्रचार के केंद्र में रखे हुए हैं।
मुद्दों की जंग
जैसे-जैसे प्रचार का शोर थमने का समय (4 नवंबर) नजदीक आ रहा है, दोनों गठबंधनों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। यह ‘आखिरी दांव’ मुख्य रूप से युवाओं से जुड़े रोजगार, पलायन और महंगाई के मुद्दों पर केंद्रित है। अब देखना यह है कि 6 नवंबर को पहले चरण के मतदाता और 14 नवंबर को अंतिम परिणाम किसके वादों पर भरोसा जताते हैं।





