Jharkhand Vidhansabha Winter Session: झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि यह सत्र हंगामेदार हो सकता है। इस बार के सत्र को सफल बनाने के लिए सत्ता पक्ष अपनी तैयारियों में जुटा है, जबकि विपक्षी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों और सवालों की तैयारी कर रहे हैं।

सरकार के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर विपक्ष की ओर से आरोपों और प्रश्नों के माध्यम से घेराबंदी की संभावना जताई जा रही है। सत्र शुरू होने से पहले, रांची के एटीआई सभागार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधायकों को विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब देने के निर्देश दिए गए।
सत्र में द्वितीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा, जो चालू वित्तीय वर्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर चर्चा जारी है। सोशल मीडिया पर भी विपक्ष सक्रिय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सोशल अकाउंट से “झारखंड झुकेगा नहीं” का संदेश साझा किया गया, जबकि मंत्री और वरिष्ठ नेता दीपक बिरुआ ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा कि “झारखंड ने झुकना नहीं सिखा”।
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कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र में सवाल-जवाब, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बहस और राजनीतिक गतिविधियों के चलते यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।





