योजना का लाभ जारी रखने के लिए कराना पड़ रहा सत्यापन
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मईया सम्मान योजना के लाभार्थियों का इन दिनों अंचल कार्यालयों में सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के चलते विभिन्न अंचल कार्यालयों में महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

योजना की सूची से नाम हटने के डर से महिलाएं सुबह से ही जरूरी दस्तावेज लेकर लंबी कतारों में खड़ी नजर आ रही हैं। कई महिलाएं घर का कामकाज छोड़कर सत्यापन कराने पहुंच रही हैं ताकि उन्हें योजना का लाभ मिलता रहे।
महिलाओं ने बताया योजना से मिल रहा सहारा
लाभार्थियों ने बताया कि मईया सम्मान योजना के तहत मिलने वाली ₹2500 की मासिक सहायता राशि उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है। महिलाओं का कहना है कि इस पैसे से घर का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कई महिलाओं ने यह भी कहा कि योजना से उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली है और अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए घर के पुरुष सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
अंचल कार्यालयों में लंबी कतारें
सत्यापन प्रक्रिया के कारण कई अंचल कार्यालयों में सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दस्तावेजों की जांच और वेरिफिकेशन प्रक्रिया में समय लगने के कारण परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को खास तौर पर अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लेकर कार्यालय पहुंच रही हैं।
क्या है मईया सम्मान योजना?
झारखंड सरकार द्वारा 18 से 50 वर्ष की युवतियों और महिलाओं को मईया सम्मान योजना के तहत हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
यह योजना राज्य की महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है और बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।





