Patna News: बिहार की 18वीं विधानसभा के लिए नेता प्रतिपक्ष के नाम पर सस्पेंस खत्म हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से विपक्ष का नेता चुन लिया गया है। शनिवार को पटना स्थित उनके आवास (एक पोलो रोड) पर हुई महागठबंधन विधायक दल की बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने एक स्वर में उनके नाम पर मुहर लगा दी।

तेजस्वी यादव ने दिल्ली से लौटते ही संभाली कमान
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस और राजद के बीच चल रही तकरार को दरकिनार करते हुए पूरा विपक्ष एकजुट दिखा। इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए तेजस्वी यादव शनिवार को ही दिल्ली से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना वे सीधे बैठक में शामिल होने चले गए, जहां सभी घटक दलों ने उन्हें अपना नेता स्वीकार कर लिया।
संख्या बल कम, पर तेवर रहेंगे तीखे
इस बार विधानसभा में विपक्ष की स्थिति संख्या बल के मामले में काफी कमजोर है। एनडीए के 202 विधायकों के मुकाबले विपक्ष के पास कुल 35 विधायक (राजद-25, कांग्रेस-6, वाम दल-4) हैं। बावजूद इसके, बैठक में रणनीति बनी कि विपक्ष कमजोर नहीं पड़ेगा। यह तय किया गया कि जनहित के मुद्दों पर विपक्ष ‘सड़क से लेकर सदन तक’ मजबूती से संघर्ष करेगा।
संख्या कम है, मनोबल नहीं: तेजस्वी यादव
1 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की गई है। माले विधायक अजय कुमार ने कहा कि विपक्ष संगठित होकर सरकार की गलत नीतियों का रचनात्मक विरोध करेगा। वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने हुंकार भरते हुए कहा, “सदन में हमारी संख्या जरूर कम है, लेकिन हमारा मनोबल कम नहीं है। हम सरकार की गलत नीतियों का पुरजोर विरोध करेंगे।”






