रांची: झारखंड की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Babulal Marandi ने राज्य के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप जड़ दिए।

बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि राज्य के ADG (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) अनुराग गुप्ता के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के साथ “संबंध” थे। मरांडी ने इस ‘गठजोड़’ को राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए ऐलान किया है कि वह इस पूरे मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पत्र लिखेंगे।
अधिकारी-अपराधी गठजोड़: Babulal Marandi
गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए बाबूलाल मरांडी ने सीधे तौर पर ADG अनुराग गुप्ता को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का जेल में बंद ऐसे दुर्दांत अपराधी से क्या “संबंध” हो सकता है, जो जेल से ही हत्या, रंगदारी और आतंक का एक बड़ा सिंडिकेट चला रहा है?
मरांडी ने आरोप लगाया कि यह एक ‘अधिकारी-अपराधी गठजोड़’ है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को खोखला कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि क्या इन्हीं “संबंधों” के कारण सुजीत सिन्हा के नेटवर्क को एक वरिष्ठ अधिकारी का संरक्षण मिल रहा था, जिससे उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
Babulal Marandi News: NIA मरांडी ने इस मामले की जांच राज्यजांच की मांग क्यों?
पुलिस की जगह सीधे NIA से कराने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने ठोस कारण भी गिनाए:
- टेरर फंडिंग एंगल: उन्होंने कहा कि सुजीत सिन्हा का गिरोह सिर्फ रंगदारी और अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि वह “टेरर फंडिंग” (आंतकी वित्तपोषण) के मामलों में भी सक्रिय रूप से शामिल है।
- NIA की मौजूदा जांच: मरांडी ने तर्क दिया कि NIA पहले से ही सुजीत सिन्हा गिरोह द्वारा की गई टेरर फंडिंग के कई मामलों की जांच कर रही है। इसलिए, इस नए ‘पुलिस-गैंगस्टर’ कनेक्शन की जांच भी NIA के दायरे में ही आनी चाहिए।
सियासी घमासान और पुराना संदर्भ
बाबूलाल मरांडी के इस विस्फोटक आरोप ने राज्य के पुलिस महकमे से लेकर सियासी गलियारों तक में हड़कंप मचा दिया है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ADG अनुराग गुप्ता भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के निशाने पर आए हैं। मरांडी इससे पहले भी 2016 के चर्चित राज्यसभा हॉर्स-ट्रेडिंग मामले का जिक्र करते हुए ADG गुप्ता पर कार्रवाई न करने को लेकर राज्य की JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं।
फिलहाल, इन ताजा और गंभीर आरोपों पर ADG अनुराग गुप्ता या राज्य सरकार की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यह भी पढ़े: 5 लाख के इनामी समेत 2 नक्सली कमांडरों ने किया सरेंडर, JJMP को बड़ा झटका





