भाजपा की ओर से एक उच्च‑स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से मिलकर आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की। भाजपा का कहना है कि राज्य में कानून‑व्यवस्था की स्थिति खराब है और ऐसे में चुनाव शांतिपूर्वक नहीं हो पाएंगे।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने किया। जिन्होंने आयोग को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें संवेदनशील और अति‑संवेदनशील बूथों, मतपत्र जमा करने वाले केंद्रों और मतगणना स्थलों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की । सभा में कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने हिस्सा लिया।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि राज्य में अपराध और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। रांची, रामगढ़, जमशेदपुर और दूसरे जिलों में धमकी भरे ई‑मेल और फायरिंग की घटनाएं माहौल को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
झारखंड में 23 फरवरी को 48 नगर निकायों के लिए चुनाव हैं। जिनमें 1087 वार्ड और 4304 बूथ शामिल हैं। झारखंड नगर निकाय चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। पार्टी ने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग की आशंका के चलते केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है।
वहीं प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा की केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को खारिज करते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने में पूरी तरह सक्षम है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा भय का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है और चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से अनुचित दबाव बना रही है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा शहरी निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग पूरी तरह से हास्यास्पद है। क्योंकि एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह झारखंड को नक्सल मुक्त बताकर केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या झारखंड में कम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर झारखंड के शहरी निकाय चुनाव में भाग लेने वाले निवासियों के लिए बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग कर रहे हैं।





