झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए सख्त कानून का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठा रही है, वहीं झारखंड सरकार भर्ती घोटालों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।
अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि JPSC में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों में सरकार केवल CID जांच के नाम पर औपचारिकता निभा रही है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केवल CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी ही कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा 22 जुलाई को JPSC कार्यालय का घेराव किए जाने के बाद ही सरकार ने CID जांच के आदेश दिए। उनके अनुसार सरकार से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका की आशंका के कारण निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, इसलिए CBI जांच जरूरी है।
भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरते हुए कहा कि NEET और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों पर केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान चलाने वाली कांग्रेस, झारखंड में JPSC और JSSC को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में सामने नहीं आई। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई और कहा कि यदि सरकार पारदर्शी है तो उसे CBI जांच से डरने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को पूरे झारखंड के 590 मंडलों में मशाल जुलूस निकालने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन छात्रों के भविष्य की रक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
Also Read- Dhanbad: सियालजोरी धरना मामले में कोर्ट पहुंचे जयराम महतो





