दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत सांसदों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने काला दिवस मनाया। इस दौरान कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर तथा काली पट्टी लगाकर रणधीर वर्मा चौक पर एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में 7 अक्टूबर को हुई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार पर हमला बताया। इस विरोध प्रदर्शन में धनबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अशोक कुमार सिंह समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया लगातार कठोर होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में जनता की आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरना ही एकमात्र विकल्प रह गया है।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अब विरोध की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। इसी के विरोध में देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता काला दिवस मना रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह कार्यक्रम पहले 8 अक्टूबर को प्रस्तावित था, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद धनबाद में कार्यक्रम आयोजित कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिली। पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि जब तक केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ उनका राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा, तब तक आंदोलन भी जारी रखा जाएगा।

कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के माध्यम से दिल्ली में हुई कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया।





