झारखंड के बोकारो जिले के सियालजोरी स्थित वेदांता इलेक्ट्रो स्टील (ESL) परिसर में गैस रिसाव की घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो और धनबाद निवासी समीर अंसारी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कंपनी प्रबंधन ने दोनों को तालगड़िया मोड़ स्थित हिल केडी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों मजदूर वेदांता इलेक्ट्रो स्टील में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि एक मजदूर कंपनी के पेरोल पर, जबकि दूसरा कॉन्ट्रैक्ट के तहत काम कर रहा था। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और गैस रिसाव की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कंपनी प्रबंधन ने जताया शोक, हरसंभव सहयोग का आश्वासन
घटना के बाद इलेक्ट्रो स्टील लिमिटेड (ESL) प्रबंधन की ओर से बयान जारी कर हादसे की पुष्टि की गई। प्रबंधन ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा ESL परिवार इस दुखद घटना से शोकाकुल है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और सहयोग देने की बात कही गई है।
दो मजदूरों की मौत से उनके परिवारों में दुख का माहौल है। हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर आवश्यक सावधानियों के पालन को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
पंचायत समिति सदस्य ने प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
पंचायत समिति सदस्य रफीक आलम अंसारी ने इस घटना को लेकर कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी में शटडाउन के दौरान कामकाज की प्रक्रिया में कथित तौर पर खानापूर्ति की जाती है, जिसका खामियाजा मजदूरों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है।
हालांकि ये आरोप पंचायत समिति सदस्य की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। मामले में कंपनी प्रबंधन का पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अब जांच के दौरान गैस रिसाव के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और हादसे के समय अपनाई गई प्रक्रियाओं की पड़ताल किए जाने की उम्मीद है।
फिलहाल, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और मजदूर सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।








