बोकारो में हल्की बारिश (light rain) के बाद हीl सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। नया मोड़ से लेकर सीजेड गेट, दुग्गल गेट, जोशी कॉलोनी, माराफारी और रेलवे कॉलोनी जाने वाले रास्ते पर जलजमाव की समस्या कोई नई नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों से यह समस्या बनी हुई है। थोड़ी सी बारिश(light rain) में ही सड़क पर इतना पानी जमा हो जाता है कि मालवाहक गाड़ियां, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है, हल्की बारिश (light rain) के बाद जबकि पैदल चलने वाले लोगों के कपड़े तक भीग जाते हैं।
नया मोड़ से सीजेड गेट और दुग्गल गेट की ओर जाने वाला यह रास्ता बोकारो के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से बड़ी संख्या में मजदूर और BSL कर्मी ड्यूटी के लिए आते-जाते हैं। लेकिन बारिश होते ही यही रास्ता लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। नौकरी और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, किसी व्यक्ति को मेडिकल इमरजेंसी हो जाए तो जलजमाव के कारण अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है।
लोगों का आरोप है कि BSL प्रबंधन को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, BSL प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों से सवाल करते हुए कहा कि आखिर दशकों पुरानी इस समस्या का समाधान कब होगा?लोगों का कहना है कि क्षेत्र से कई सांसद और विधायक चुने गए, लेकिन जलजमाव की इस गंभीर समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या को लेकर आवाज उठा रहे हैं। हर बारिश में वही स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह रास्ता सिर्फ स्थानीय लोगों के आवागमन का माध्यम नहीं है, बल्कि BSL के सीजेड गेट और दुग्गल गेट की ओर जाने वाले सैकड़ों मजदूर और कर्मचारी भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। बारिश के दौरान जलजमाव के कारण लोगों को मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
अब स्थानीय लोगों ने बोकारो के उपायुक्त, जिला प्रशासन, BSL प्रबंधन और सांसद-विधायक से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। सवाल साफ है जब दशकों से इस सड़क पर जलजमाव की समस्या बनी हुई है, तो आखिर इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया? हर बारिश के बाद लोगों को इसी परेशानी से क्यों गुजरना पड़ता है? अब देखना होगा कि प्रशासन और BSL प्रबंधन इस गंभीर जनसमस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और लोगों को जलजमाव से कब राहत मिलती है।
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