विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सोमवार को गुमला में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (CEC) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकालकर समाहरणालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्वाचन आयोग (CEC) और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजनी तिग्गा ने किया। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन CEC आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
ज्ञापन में एसआईआर की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की समीक्षा के साथ निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था एवं डेटा प्रबंधन की स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सह जिला प्रभारी शमशेर आलम ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें मतदाता सूची की शुचिता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। जिन नागरिकों के नाम को लेकर आपत्ति या बदलाव की स्थिति बने, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। शमशेर आलम ने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली, डेटा प्रबंधन और डेटा के केंद्रीकरण से जुड़े सवालों की भी स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजनी तिग्गा ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में हो रहे बदलावों को लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम उचित सत्यापन और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। कांग्रेस की मांग है आयोग के कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच हो और जांचोपरांत संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे है।वोट चोरी कर उन्होंने बंगाल व बिहार की सत्ता भाजपा के झोली में डालने का काम किये है।उनका चोरी पकड़ा गया है।वोट चोरी का राहुल गांधी द्वारा उठाया गया आवाज आज सच साबित हो रहा है।कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच, उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा, एसआईआर के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच तथा निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की।

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