जमशेदपुर जो कभी औद्योगिक नगरी के तौर पर अपनी पहचान रखने वाला यह शहर इन दिनों बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर चर्चा में है। दिनदहाड़े बैंक में करोड़ों की डकैती हो या फिर बेखौफ अपराधियों का रेस्टोरेंट में घुसकर गोली चलाना लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमशेदपुरी में पिछले कुछ महीनों में चापड़बाजी की घटनाओं से लेकर चोरी, लूट और गोलीबारी तक के मामले सामने आए हैं। हालांकि जमशेदपुरी के पुलिस कई मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है, लेकिन जमशेदपुरी मेंलगातार हो रही वारदातों से आम लोगों में डर का माहौल है..जमशेदपुर में एक बार फिर अपराध का ग्राफ बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
हाल के दिनों में शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिनदहाड़े गोलमुरी के केनरा बैंक में करोड़ों की डकैती, जुगसलाई में बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी और गिरफ्तारी और सोनारी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े रेस्टोरेंट में घुसकर गोली चलाने की घटना. इन वारदातों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।पिछले एक महीने के दौरान सिदगोड़ा, जुगसलाई, गोलमुरी, मानगो और सोनारी समेत कई थाना क्षेत्रों में चोरी, लूट और गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि पुलिस ने कई मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं कुछ मामलों में फरार अपराधियों की तलाश भी जारी है।
लेकिन सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं, सवाल यह है कि आखिर अपराधी दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने की हिम्मत कैसे जुटा रहे हैं? कुछ महीने पहले जमशेदपुर में चापड़बाजी की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई थी।अब अपराध का तरीका बदलता नजर आ रहा है।कहीं दिनदहाड़े बैंक में डकैती कहीं खुलेआम गोलीबारी. तो कहीं चोरी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। वहीं सोनारी में दिनदहाड़े गोली चलने की घटना के बाद बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। चौक-चौराहों और दुकानों के बाहर मौजूद लोगों पर पुलिस द्वारा लाठी चलाए जाने का आरोप सामने आया। लोगों का कहना है कि अपराधियों पर सख्ती जरूरी है, लेकिन आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हो।
शहरवासियों का कहना है कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए सिर्फ पुलिस की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी है। अगर किसी इलाके में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो लोग बिना डर और झिझक पुलिस को इसकी सूचना दे सकें.इसके लिए पुलिस और जनता के बीच भरोसे का माहौल बनाना होगा।
जमशेदपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने निश्चित तौर पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कई मामलों में कार्रवाई कर रही है, अपराधियों की गिरफ्तारी भी हो रही है, लेकिन आम लोगों की अपेक्षा साफ है पुलिस की सख्ती अपराधियों पर हो और जनता के साथ बेहतर समन्वय बने। क्योंकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के साझा सहयोग से ही संभव है। फिलहाल पुलिस के सामने चुनौती दोहरी है। एक तरफ लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना. तो दूसरी तरफ आम लोगों के बीच सुरक्षा और भरोसे का माहौल कायम करना। जमशेदपुर शहरवासी भी यही चाहते हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पुलिस-जनता के बीच ऐसा बेहतर समन्वय बने, जिससे अपराध की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंच सके।
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