धनबाद के एक वेडिंग हॉल में धनबाद डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) की ओर से वार्षिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के होनहार क्रिकेट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम विशेष रूप से मौजूद रहे। वहीं झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव भी कार्यक्रम में पहुंचे और मीडिया से बातचीत की।
अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड में क्रिकेट ग्राउंड के लिए जमीन उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि धनबाद डीसीए इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। जिले में दो से तीन स्थानों पर जमीन को लेकर बातचीत चल रही है और अगले तीन से चार महीनों में इस दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जेएससीए धनबाद एसोसिएशन के साथ पूरी तरह खड़ा है।
उन्होंने कहा कि जेएससीए की इच्छा है कि धनबाद में बोर्ड के मैच और घरेलू टूर्नामेंट आयोजित हों, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिल सके। शाहदेव ने धनबाद की क्रिकेट प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टी-20 चैंपियन टीम के कोच रतन कुमार, शाहबाज नदीम और कुलीन कुरैशी जैसे खिलाड़ी धनबाद से जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद में महिला क्रिकेट का भी बेहतर भविष्य है।
जिला संघ के सदस्यों को हटाए जाने से जुड़े सवाल पर अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि नियम 31 के तहत जिला संघ से हटने पर संबंधित सदस्य स्वतः जेएससीए की सदस्यता से भी बाहर हो जाता है।
कार्यक्रम में मौजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सौरभ तिवारी ने युवा क्रिकेटरों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें धैर्य और लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए बहुत कुछ कहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें आज बेहतर प्लेटफॉर्म और बड़ी संख्या में मैच खेलने का अवसर मिल रहा है।
सौरभ तिवारी ने बताया कि इस वर्ष 438 मैच आयोजित किए गए, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। इनमें 92 मैच टर्फ विकेट पर खेले गए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने क्रिकेट करियर में धैर्य रखना चाहिए और कम समय में सफलता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि जिस तरह मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने में वर्षों लगते हैं, उसी तरह दो-तीन साल में क्रिकेटर बनना संभव नहीं है। खिलाड़ियों को अपने खेल को निखारने के लिए सात-आठ साल तक लगातार समय और मेहनत देनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। जितना अधिक खिलाड़ी मेहनत करेंगे, उतना ही उनका क्रिकेट बेहतर होगा और मैदान पर प्रदर्शन करना आसान होगा।
सम्मेलन के दौरान खिलाड़ियों का सम्मान और क्रिकेट के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा से धनबाद में क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में एसोसिएशन की प्राथमिकताएं भी सामने आईं।







