धनबाद के मूनीडीह ओपी क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध भटिंडा फॉल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। आईटीआई की परीक्षा देने धनबाद आए गिरिडीह जिले के सरिया निवासी एक युवक की फॉल में डूबने से मौत हो गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद युवक अपने रिश्तेदार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए भटिंडा फॉल पहुंचा था। नहाने के दौरान सेल्फी लेने के कुछ ही पल बाद उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गया। स्थानीय गोताखोरों ने करीब तीन घंटे तक लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसके बाद युवक का शव बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान गिरिडीह जिले के सरिया निवासी ओम प्रकाश उर्फ गोलू पंडित के रूप में हुई है। वह धनबाद में आईटीआई की परीक्षा देने आया था। परीक्षा खत्म होने के बाद वह लोयाबाद स्थित अपने रिश्तेदार के घर गया। इसके बाद अपने मौसेरे भाई सुजल और एक अन्य साथी के साथ भटिंडा फॉल घूमने पहुंचा। तीनों युवक फॉल में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान गोलू ने सेल्फी ली और कुछ ही क्षण बाद उसका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसलने से वह सीधे गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूब गया।
घटना को अपनी आंखों के सामने होता देख उसका मौसेरा भाई सुजल उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद पड़ा। हालांकि फॉल में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण वह गोलू तक नहीं पहुंच सका। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों को सूचना दी। गोताखोरों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव पानी से बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही मूनीडीह ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को हादसे की जानकारी दी। पूरे घटनाक्रम के बाद फॉल पर मौजूद लोगों में शोक और दहशत का माहौल बन गया।
मृतक के मौसेरे भाई सुजल ने बताया कि परीक्षा के बाद सभी लोग घूमने और नहाने के लिए भटिंडा फॉल पहुंचे थे। नहाने के दौरान गोलू ने पहले सेल्फी ली, फिर अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
मूनीडीह ओपी प्रभारी मनीता कुमारी ने बताया कि भटिंडा फॉल में डूबने से एक युवक की मौत हुई है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाल लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
बरसात के मौसम में भटिंडा फॉल का जलस्तर और पानी का बहाव काफी बढ़ जाता है, जिससे यह स्थान बेहद जोखिम भरा हो जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग यहां नहाने और सेल्फी लेने पहुंचते हैं। यह हादसा एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना और खतरनाक क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
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