महाराष्ट्र के सरकारी पोर्टल पर 15 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में झारखंड के 5 आरोपी गिरफ्तार किया गया है। महराष्ट्र के सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 15,000 से अधिक फर्जी जन्म रिकॉर्ड दर्ज किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की कार्रवाई महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में की गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने ग्राम पंचायत के आधिकारिक लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम(सीआरएस) पोर्टल पर कुल 15,569 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र अपलोड किए। यह फर्जी एंट्री मई से नवंबर 2025 के बीच दर्ज की गई थीं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पंचायत की संबंधित अधिकारी ने अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई। जिस गांव की आबादी 1500 है उस गांव से 15000 लोगों के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए है। महराष्ट्र के सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल को हैक कर रांची से अपलोड हो रहे थे जन्म प्रमाण पत्र।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को नांदेड़ से हिरासत में लिया गया और आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जाना था और क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





