झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास को जमींदोज कर दिया गया। एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना और पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। लेकिन आज विवाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। झारखंड के हजारीबाग जिले में परियोजना के विस्तार को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोरदाग स्थित उनके आवास को ध्वस्त कर दिया।

भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई अंजाम दी गई। बताया गया कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली जमीन और भवनों को खाली कराने की प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई से पहले सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके पर नजर रखी गई। कार्रवाई के दौरान आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी तरह की बड़ी घटना नहीं होने दी।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की निगरानी में आगे की प्रक्रिया जारी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हम आपको बता दें के योगेंद्र साव कांग्रेस के नेता हैं और फिलहाल राज्य में कांग्रेस और जेएमएम की सरकार है।
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