झारखंड का लोहरदगा जिला खेल प्रतिभाओं की नई पहचान बनकर लगातार उभर रहा है। एक बार फिर जिले के युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। कोलकाता के प्रतिष्ठित नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय 10वीं इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप इंडियन चैलेंजर्स कप में लोहरदगा के चार खिलाड़ियों ने दो रजत और छह कांस्य पदक जीतकर कुल आठ पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि ने न केवल जिले बल्कि पूरे झारखंड में गर्व और उत्साह का माहौल बना दिया है।

चैंपियनशिप में विभिन्न आयु और भार वर्गों के खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, अनुशासन और संघर्ष क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। लोहरदगा के खिलाड़ियों ने काता और कुमिते दोनों स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
जूनियर 70 किलोग्राम कुमिते वर्ग में आबिद वैस अंसारी ने शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने काता स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। वहीं कैडेट 70+ किलोग्राम वर्ग में निर्मल राज ने कुमिते स्पर्धा में रजत पदक और काता स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया।
जूनियर 60 किलोग्राम वर्ग में निखिल कुमार साहू ने काता और कुमिते दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर अपनी निरंतरता का परिचय दिया। वहीं कैडेट 50 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद जुनैद राजा अंसारी ने भी काता और कुमिते दोनों वर्गों में कांस्य पदक जीतते हुए लोहरदगा की पदक संख्या को आठ तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस बार की चैंपियनशिप कई मायनों में ऐतिहासिक भी रही। भारत में पहली बार कराटे प्रतियोगिता के दौरान इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट सिस्टम का उपयोग किया गया। पारंपरिक झंडों की जगह निर्णायकों को रिमोट कंट्रोलर दिए गए थे, जिनकी मदद से खिलाड़ियों के अंक तुरंत इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले पर दिखाई देते थे। इस आधुनिक तकनीक ने प्रतियोगिता को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और रोमांचक बनाया तथा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अनुभव भी प्रदान किया।
इन सभी पदक विजेता खिलाड़ियों की एक और खास उपलब्धि यह है कि चारों एम.वी. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, जुरिया के छात्र हैं। वे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं ब्लैक बेल्ट 6वीं डॉन, जापान मांसी श्रवण साहु के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम ही है कि इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लोहरदगा और झारखंड का परचम लहराया है।
खिलाड़ियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों, खेल प्रेमियों और जिलेवासियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में वे राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए और भी बड़े सम्मान हासिल कर सकते हैं। लोहरदगा की यह उपलब्धि राज्य के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
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