झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार की रात करीब आठ बजे निधन हो गया। उन्होंने रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थीं और उन्हें 18 सितंबर को सांस लेने में परेशानी के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आते ही सोरेन परिवार, झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और करीबियों के लिए यह बेहद दुखद और भावुक क्षण है। रूपी सोरेन की मौत पर देशभर के दिग्गज नेताओं ने शोक जताया है। रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए एक-एक कर मंत्री और नेता पहुंच रहे हैं गुरु जी के आवास पर पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर देशभर से रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की माताजी रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं हेमंत सोरेन जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ हैं।
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा
झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की माता, श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएँ हेमन्त सोरेन जी एवं समस्त सोरेन परिवार के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।
तेजस्वी यादव ने शोक प्रकट करते हुए रूपी सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी
तेजस्वी यादव ने लिखा “झारखंड के मुख्यमंत्री बड़े भाई श्री हेमंत सोरेन जी की माता श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। हमें सदा उनका स्नेह और आत्मीयता प्राप्त हुई। ममता और स्नेह की मूर्ति का जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वो पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने सोशल मीडिया पर लिखा
दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की माता, मेरे लिए मातृतुल्य आदरणीया रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार सुनकर मन बहुत व्यथित है। स्वर्गीय गुरुजी के संघर्ष के दिनों में वे उनके साथ एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी रहीं। उनका स्नेह और अपनापन हमेशा याद रहेगा। दुःख की इस घड़ी में मैं हेमंत जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ हूँ। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिय एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा
झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पूज्य माताजी श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी
चंपई सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा “दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन जी के निधन की दुखद सूचना से मन व्यथित है। झारखंड आंदोलन के समय की कई घटनाएं, कई यादें आँखों के सामने से गुजर रही हैं। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें तथा परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें। अंतिम जोहार !”
कई दिनों से अस्पताल में चल रहा था इलाज
रूपी सोरेन की तबीयत सितंबर के मध्य में अचानक बिगड़ गई थी। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही थी।
इलाज के दौरान उनकी तबीयत में कई बार सुधार और गिरावट देखने को मिली। अक्टूबर की शुरुआत में भी डॉक्टरों की ओर से उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे जाने की जानकारी सामने आई थी। 7 अक्टूबर को उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया था।
तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में जुटे विशेषज्ञ डॉक्टर
बुधवार को रूपी सोरेन की हालत और गंभीर होने के बाद अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम सक्रिय हो गई थी। उनकी स्थिति को देखते हुए न्यूरो मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उज्ज्वल राय समेत अन्य चिकित्सकों को अस्पताल बुलाया गया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे थे।
उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की ओर से लगातार आवश्यक उपचार और निगरानी की जा रही थी। हालांकि तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और रात में उनके निधन की खबर सामने आई।
हेमंत सोरेन के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। वह हेमंत सोरेन की मां होने के साथ-साथ दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं और लंबे समय से सोरेन परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा रही थीं। अपनी मां की मौत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं। आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।”
शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए यह एक और बड़ा व्यक्तिगत आघात है। जून 2026 में शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था और राष्ट्रपति भवन में उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया था।
राजनीतिक जीवन में भी रहा परिवार का अहम स्थान
रूपी सोरेन भले ही सक्रिय राजनीति में प्रमुख भूमिका में नहीं रहीं, लेकिन शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक सफर और परिवार के सामाजिक जीवन में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा। सोरेन परिवार झारखंड की राजनीति में दशकों से प्रभावशाली रहा है और राज्य के अलग-अलग आंदोलनों तथा राजनीतिक घटनाक्रमों में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शिबू सोरेन के निधन के बाद भी रूपी सोरेन परिवार के लिए एक मजबूत आधार बनी रहीं। जून में पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने के दौरान भी वह सार्वजनिक रूप से नजर आई थीं।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की तैयारियां
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की ओर से विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी सामने आने का इंतजार है। अंतिम दर्शन का स्थान और समय तथा अंतिम संस्कार से जुड़ी आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद इसमें बदलाव किया जा सकता है।
झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। शिबू सोरेन और सोरेन परिवार से लंबे समय से जुड़े नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के लिए यह बेहद भावुक क्षण है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां के निधन की खबर सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
रूपी सोरेन का निधन सोरेन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। परिवार की मातृशक्ति के रूप में उनकी भूमिका और उनके साथ जुड़ी स्मृतियां लंबे समय तक परिवार, करीबियों और समर्थकों के बीच बनी रहेंगी।
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार 08 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव रामगढ़ के नेमरा में किया जाएगा।








