Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) एक्शन मोड में आ गई है। पार्टी ने उन 16 विधानसभा सीटों पर हार के कारणों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है, जहां उसे पराजय का सामना करना पड़ा। इसके लिए पार्टी आलाकमान ने संबंधित जिलों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

JDU News: 6 तारीख को पटना में होगी अहम बैठक
हार की असली वजहों को तलाशने के लिए जदयू मुख्यालय में अगले महीने की 6 तारीख को एक महत्वपूर्ण बैठक संभावित है। इस बैठक में उन 16 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों, जिलाध्यक्षों और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के साथ विमर्श किया जाएगा।
भीतरघात और कमजोर प्रत्याशी बने हार की वजह?
पार्टी कार्यालय को मिली शुरुआती लिखित रिपोर्ट और आवेदनों में हार के कई चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं:
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भीतरघात: कई सीटों पर यह बात सामने आई है कि पार्टी के अपने ही नेताओं ने या तो सहयोग नहीं किया या विरोधियों का साथ दिया।
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प्रत्याशी चयन: कुछ क्षेत्रों में यह फीडबैक मिला है कि प्रत्याशियों की कमजोर छवि या गलत चयन के कारण परिणाम पक्ष में नहीं आए।
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कम अंतर से हार: पार्टी उन सीटों का विशेष विश्लेषण कर रही है जहां हार का अंतर बेहद कम वोटों का रहा है।
गठबंधन विरोधियों की खैर नहीं
अनुशासन बनाए रखने के लिए जदयू सख्त रुख अपना रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान पार्टी और एनडीए प्रत्याशियों के खिलाफ ‘गठबंधन विरोधी गतिविधियों’ में शामिल लोगों की शिकायतों की जांच करना था।
जांच समिति के संयोजक व पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार, मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार, वासुदेव कुशवाहा और डॉ. अमरदीप ने इन परिवादों की समीक्षा की। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद भीतरघात करने वालों पर गाज गिर सकती है।
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