झारखंड हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह दिया कि वे ऐसी प्रक्रिया तय करें, जिससे पुलिस लापता लोगों से जुड़े आधार विवरण तक जल्दी पहुंच बना सके। यह निर्देश गुमला जिले की एक नाबालिग लड़की के लापता होने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। लड़की 2019 से लापता है। लेकिन पुलिस को अभी तक उसका सुराग नहीं मिला है। गायब हो चुकी बच्ची की मां ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि पुलिस ने आधार से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित प्राधिकरण (UIDAI) से संपर्क किया था। लेकिन अनुमति मिलने में काफी समय लग जाता है। कोर्ट ने कहा कि जानकारी प्राप्त करने की मौजूदा प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल है। इस वजह से जांच प्रभावित होती है।
झारखंड हाई कोर्ट ने कहा कि यदि एक स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बना दी जाती है, तो लापता व्यक्तियों की तलाश में पुलिस को तेज़ी से मदद मिलेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल मानव तस्करी के मामलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी लापता बच्चों और व्यक्तियों के मामलों में लागू होनी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई संभव हो सके।
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