Latehar News: झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बुधवार को एक बड़ी कामयाबी मिली। लातेहार जिला मुख्यालय में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) के दो हार्डकोर कमांडरों ने पलामू रेंज के आईजी और लातेहार एसपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में 5 लाख रुपये का इनामी सब-जोनल कमांडर ब्रजेश यादव उर्फ राकेश और एरिया कमांडर अवधेश लोहरा उर्फ रोहित शामिल हैं।

Latehar News: आईजी और एसपी के समक्ष डाले हथियार
दोनों उग्रवादियों ने पुलिस मुख्यालय में पलामू रेंज के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, लातेहार एसपी कुमार गौरव, और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया. अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सली, पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नई दिशा’ से प्रभावित होकर समाज की मुख्य धारा में लौटने का फैसला किया। इस मौके पर दोनों उग्रवादियों के परिवार वाले भी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बुके और शॉल भेंट कर मुख्य धारा में उनका स्वागत किया।
कौन हैं दोनों कमांडर?
- ब्रजेश यादव (सब-जोनल कमांडर): गुमला जिले का रहने वाला ब्रजेश यादव लगभग दो दशकों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। वह पहले माओवादी संगठन में था और 2010 में गिरफ्तार होकर 2018 में जेल से छूटा था, जिसके बाद उसने JJMP ज्वाइन कर लिया। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- अवधेश लोहरा (एरिया कमांडर): लातेहार जिले का रहने वाला अवधेश लोहरा भी संगठन का सक्रिय सदस्य था। उस पर 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सरेंडर करें या गोली खाने को तैयार रहें – आईजी
पलामू रेंज के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने इस सरेंडर को JJMP संगठन के लिए एक बड़ा झटका बताया। उन्होंने अन्य भटके हुए उग्रवादियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे या तो सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर आत्मसमर्पण कर दें, या फिर पुलिस की गोली का सामना करने के लिए तैयार रहें।





