डुमरी विधायक जयराम महतो को बरवाअड्डा थाना कांड में बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल को जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में हुई। इससे पहले 10 सितंबर को बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज और अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने अपनी-अपनी दलीलें रखी थीं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 14 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज ने अदालत में दलील दी कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण जयराम महतो और अन्य आरोपियों को इस मुकदमे में झूठा फंसाया गया है। वहीं, अपर लोक अभियोजक ने इस दलील का विरोध किया था। इससे पहले अदालत ने जयराम महतो की गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाने में कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में जयराम महतो, सुशील मंडल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस के अनुसार, हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए जयराम महतो ने अपने समर्थकों से कहा था। आरोप है कि इस दौरान थाना परिसर में समर्थकों ने हंगामा किया और पुलिस पदाधिकारियों के साथ गलत व्यवहार करते हुए सरकारी काम में बाधा पहुंचाई।
मामले को लेकर पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद जयराम महतो और अन्य आरोपियों ने अदालत का रुख किया था। अब अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद विधायक समेत चार आरोपियों को इस मामले में बड़ी राहत मिली है।
जमानत मिलने के बाद समर्थकों में खुशी
अदालत के फैसले के बाद जयराम महतो के समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। जिला महासचिव धर्मपाल महतो की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कार्यकर्ताओं ने जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों को मिली कानूनी राहत पर अभिनंदन व्यक्त किया।
अग्रिम जमानत मिलने से इस मामले में जयराम महतो और अन्य तीन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।







