जमशेदपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। जुगसलाई थाना क्षेत्र से पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक जिला बदर अपराधी और ड्रग्स पैडलर भी शामिल है। आरोपियों के पास से दो देसी पिस्टल, अतिरिक्त मैगजीन, कई जिंदा कारतूस और एक फायर किया हुआ खोखा बरामद किया गया है।

पुलिस का दावा है कि ये सभी एक युवक की हत्या की योजना बना रहे थे 21 जुलाई को वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि जुगसलाई के गरीब नवाज कॉलोनी के पास रेलवे पुल के नीचे कुख्यात तड़ीपार अपराधी मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर मो. निजाम की हत्या की साजिश रच रहा है। सूचना के बाद नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
पुलिस ने छापेमारी कर मौके से मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान एक देसी पिस्टल, अतिरिक्त मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ईदगाह मैदान के पास से पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जिनमें एक नाबालिग भी शामिल हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर शिव घाट स्थित रिसाइक्लिंग प्लांट के पास छिपाकर रखा गया एक और देसी पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं पटनहिया मोहल्ला मैदान के पास से एक जिंदा कारतूस और एक फायर किया हुआ खोखा भी बरामद हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि 19 जुलाई को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई थी। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी मो. खुर्शीद उर्फ भाकुड़ ने स्वीकार किया कि वह ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है और ब्राउन शुगर के करीब 15 से 16 लाख रुपये के लेन-देन और निजी रंजिश के कारण अपने पूर्व सहयोगी मो. निजाम की हत्या की योजना बना रहा था।
वहीं आरोपी मो. शहजादा ने भी पारिवारिक विवाद और पुरानी दुश्मनी के चलते इस साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार मो. खुर्शीद पहले से जिला बदर घोषित है। इसके बावजूद जिले में प्रवेश कर अपराध की योजना बनाने के आरोप में उसके खिलाफ झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है। वहीं पूरे मामले में जुगसलाई थाना में बीएनएस, आर्म्स एक्ट और जेसीसीए के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
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