प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘MANAV’ विज़न किया पेश किया है । इसका मकसद है AI का लोकतंत्रीकरण ताकि इसका कंट्रोल मानव के हाथ में ही रहे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘MANAV’ विज़न का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि AI का विकास मानव-केंद्रित होना चाहिए और इसका नियंत्रण पूरी तरह इंसानों के हाथ में रहना अत्यंत जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में AI के लोकतंत्रीकरण की वकालत करते हुए कहा कि यह तकनीक कुछ चुनिंदा संस्थाओं या देशों तक सीमित न रहकर सभी के लिए सुलभ और उपयोगी होनी चाहिए। PM मोदी ने जोर देकर कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ नैतिकता और जवाबदेही को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की ‘MANAV’ विज़न AI इन पांच सिद्धांतों पर आधारित है
M यानी Moral & Ethical Systems- यानी AI प्रणालियां नैतिक मूल्यों और आचार संहिता पर आधारित होनी चाहिए। A यानी Accountable Governance- AI को लेकर पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। N यानी National Sovereignty- डेटा संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए और इनपर देशों के अधिकार सुरक्षित रहें। A यानी Accessible & Inclusive- AI सभी वर्गों के लिए सुलभ और समावेशी बने। और V यानी Valid & Legitimate- AI तकनीक वैध, विश्वसनीय होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI मानव जीवन को सरल और प्रभावी बना सकता है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने GPS से इसकी तुलना करते हुए कहा कि तकनीक दिशा दिखा सकती है लेकिन अंतिम निर्णय मनुष्य को ही लेना चाहिए।





