Railway News: बादामपहाड़ से पुरी के बीच शुरू होने जा रही नई एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका क्षेत्र में मांग तेज हो गई है। हल्दीपोखर और सिदिरसाई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की पोटका प्रखंड समिति ने मंगलवार को हल्दीपोखर में धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। धरना के माध्यम से रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार से दोनों स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव देने की मांग उठाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि बादामपहाड़ और पुरी के बीच नई रेल सेवा शुरू करने का निर्णय स्वागतयोग्य है, लेकिन जिस क्षेत्र से रेल लाइन गुजर रही है, वहां के महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव नहीं देना स्थानीय जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि हल्दीपोखर और सिदिरसाई के लोगों को भी नई रेल सेवा का लाभ मिलना चाहिए। यदि दोनों स्टेशनों पर ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया तो झामुमो इस मुद्दे पर आंदोलन को और तेज करेगा।
Railway News: तीन लाख की आबादी की सुविधा का सवाल, आंदोलन की चेतावनी
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि हल्दीपोखर, सिदिरसाई और आसपास के गांवों में लगभग तीन लाख की आबादी निवास करती है। इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, रोजगार और धार्मिक यात्राओं के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। विशेष रूप से भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर रेल सुविधा की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि नई ट्रेन शुरू होने से स्थानीय लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रस्तावित ठहराव सूची में हल्दीपोखर और सिदिरसाई को जगह नहीं मिलने से लोगों में निराशा है। रेल सेवा का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब स्थानीय आबादी को भी इसका फायदा पहुंचेगा।
संजीव सरदार ने कहा कि यह केवल ट्रेन के ठहराव का मुद्दा नहीं, बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों की सुविधा, अधिकार और सम्मान से जुड़ा सवाल है। झामुमो जनता की इस मांग को स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक उठाएगा। मांग पूरी नहीं होने पर पार्टी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
रेलवे केंद्र सरकार के अधीन, भाजपा नेताओं से भी मांगा जवाब
धरना को संबोधित करते हुए विधायक ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रेलवे केंद्र सरकार के अधीन आता है और केंद्र में भाजपा की सरकार है। क्षेत्र के स्थानीय सांसद भी भाजपा से हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं को केवल बयानबाजी करने के बजाय हल्दीपोखर और सिदिरसाई में ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ नेता रेलवे स्टेशन पर प्रदूषण के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता की बुनियादी रेल सुविधाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। झामुमो का उद्देश्य जनता की वास्तविक समस्याओं को रेलवे प्रशासन तक पहुंचाना और उनका समाधान सुनिश्चित कराना है।
बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण और झामुमो कार्यकर्ता
हल्दीपोखर में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने रेल मंत्री और रेलवे प्रशासन से बादामपहाड़-पुरी एक्सप्रेस का ठहराव दोनों स्टेशनों पर सुनिश्चित करने की मांग की।
इस दौरान झामुमो नेता सुनील महतो, बबलू चौधरी, पूर्व पार्षद हीरामनी मुर्मू, चंद्रावती महतो, मुखिया बाघराय सोरेन, मुखिया कार्तिक मुर्मू, पंचायत समिति सदस्य दुखु मार्डी, प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन, उपमुखिया ओमप्रकाश गुप्ता, विद्यसागर दास, हितेश भगत, भुवनेश्वर सरदार, चक्रधर महतो, भूपति महतो और जिकरुल होदा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Railway News: रेलवे के फैसले पर टिकी क्षेत्रवासियों की नजर
गौरतलब है कि बादामपहाड़-पुरी नई एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन 4 नवंबर को प्रस्तावित है। इस नई रेल सेवा को लेकर कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों में उत्साह है, लेकिन हल्दीपोखर और सिदिरसाई में ठहराव नहीं मिलने का मुद्दा लगातार उठ रहा है। इससे पहले भी स्थानीय ग्रामीणों और रेलवे हॉल्ट निर्माण समिति की ओर से इस संबंध में रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मांगपत्र सौंपे जा चुके हैं।
अब झामुमो के धरना-प्रदर्शन के बाद इस मांग ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और जोर पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा। फिलहाल, सभी की निगाहें रेलवे और रेल मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं।
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