राज्यसभा चुनाव 2026 में उत्तर प्रदेश की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। उत्तराखंड में भी भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि पश्चिम बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव के तहत भाजपा की उम्मीदवार रुक्मिणी मलिक निर्विरोध चुनी गईं। इन नतीजों के साथ तीनों राज्यों की संबंधित सीटों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी हो गई।
उत्तर प्रदेश में BJP के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 रिक्त सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें भाजपा के आठ, सपा के दो और दो निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे। जांच के दौरान दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हो गए। इसके बाद मैदान में केवल 10 उम्मीदवार रह गए, इसलिए मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
निर्वाचन अधिकारी ने सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की। भाजपा और सपा, दोनों के उम्मीदवारों ने राज्यसभा पहुंचने में सफलता हासिल की।
भाजपा की ओर से निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, विद्यासागर सोनकर, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, प्रियंका सिंह रावत, गोपीकृष्ण पांडेय, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। वहीं, सपा की ओर से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी निर्विरोध निर्वाचित हुए।
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन हुए रद्द
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कंते सयन्ना और ओंकार नाथ चौरसिया ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। दोनों के नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
चूंकि रिक्त सीटों की संख्या और मैदान में बचे उम्मीदवारों की संख्या बराबर थी, इसलिए निर्धारित मतदान की नौबत नहीं आई। इस तरह राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हुई।
सपा की राज्यसभा में संख्या बढ़ने का दावा

सपा के उम्मीदवार रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी के निर्वाचन के बाद पार्टी की राज्यसभा में सदस्य संख्या को लेकर भी चर्चा हुई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सपा के रामगोपाल यादव, जावेद अली, रामजी लाल सुमन और जया बच्चन पहले उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
हालांकि, सपा की कुल सदस्य संख्या की सटीक गणना करते समय मौजूदा सदस्यों की स्थिति और धनराज नाथवानी की पार्टी संबद्धता की पुष्टि करना जरूरी है। इसलिए केवल इन नतीजों के आधार पर पार्टी की कुल संख्या में बदलाव का अंतिम आंकड़ा आधिकारिक सदस्य सूची से मिलाकर देखा जाना चाहिए।
उत्तराखंड में भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
उत्तराखंड में राज्यसभा सीट के लिए भाजपा के दिनेश कुमार आर्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में निर्विरोध चुने गए संबंधित सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2032 तक निर्धारित बताया गया है।
पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मलिक निर्विरोध चुनी गईं
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। यह सीट तृणमूल कांग्रेस (AITC) की तत्कालीन सांसद रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसके बाद रुक्मिणी मलिक भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं और निर्विरोध निर्वाचित हो गईं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक रहेगा। इस निर्वाचन के साथ पश्चिम बंगाल की संबंधित राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई।
स्मृति ईरानी ने चुनाव परिणामों पर दी प्रतिक्रिया
राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को जवाब दिया है। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया थी जबकि चुनाव के औपचारिक परिणाम संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की घोषणा के आधार पर तय हुए।

क्या रहे राज्यसभा चुनाव 2026 के प्रमुख नतीजे?
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने आठ और सपा ने दो सीटें हासिल कीं। उत्तराखंड में भाजपा के दिनेश कुमार आर्य निर्विरोध निर्वाचित हुए, जबकि पश्चिम बंगाल में रुक्मिणी मलिक ने उपचुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज की। इन नतीजों में उत्तर प्रदेश की सभी 10 सीटों पर मतदान नहीं होना प्रमुख घटनाक्रम रहा। उम्मीदवारों की संख्या रिक्त सीटों के बराबर रह जाने के कारण सभी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।








