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Sonpur Mela 2026: सोनपुर मेला 2026 में नखास क्षेत्र की बोली ने चौंकाया

बिहार में विश्व प्रसिद्ध 'हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026' की तैयारियों के बीच, 'नखास' (पशु बाजार) क्षेत्र के लिए टेंडर प्रक्रिया चर्चा का विषय बन गई है। इस प्रक्रिया में अमित एंटरप्राइजेज ने अन्य प्रतिस्पर्धी फर्मों को पीछे छोड़ते हुए 5,31,10,000 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई। गौरतलब है कि मेले में इवेंट मैनेजमेंट का ठेका भी अमित एंटरप्राइजेज को ही मिला है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दी गई हैं।

Sonpur Mela 2026: सोनपुर मेला 2026 में नखास क्षेत्र की बोली ने चौंकाया
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Sonpur Mela 2026: बिहार में विश्व प्रसिद्ध ‘हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026‘ की तैयारियों के बीच, ‘नखास’ (पशु बाजार) क्षेत्र के लिए टेंडर प्रक्रिया चर्चा का विषय बन गई है। इस प्रक्रिया में अमित एंटरप्राइजेज ने अन्य प्रतिस्पर्धी फर्मों को पीछे छोड़ते हुए 5,31,10,000 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई। गौरतलब है कि मेले में इवेंट मैनेजमेंट का ठेका भी अमित एंटरप्राइजेज को ही मिला है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दी गई हैं।

Sonpur Mela 2026: सोनपुर मेले में अमित एंटरप्राइजेज का दबदबा

पर्यटन विभाग ने नखास क्षेत्र को पट्टे पर देने के लिए 4.12 करोड़ रुपये की आरक्षित कीमत तय की थी। टेंडर प्रक्रिया में तीन बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें से अमित एंटरप्राइजेज ने 5,31,10,000 रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई. यह राशि तय की गई आरक्षित कीमत से 1,19,10,000 रुपये अधिक है।

‘नखास’ (पशु बाजार) क्षेत्र को पट्टे पर लेने के लिए कारोबारियों के बीच प्रतिस्पर्धा की उम्मीद पहले से ही थी। अब, सबसे ऊंची बोली लगने के बाद, मेले के व्यावसायिक प्रबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमित सिंह ‘पिंकू’ के अनुसार, सोनपुर मेले में कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी भी ‘अमित एंटरप्राइजेज’ को सौंपी गई है।

इस संदर्भ में, नखास क्षेत्र के टेंडर के लिए कंपनी द्वारा लगाई गई ऊंची बोली को मेले के व्यावसायिक संचालन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। हालाँकि, सबसे ऊँची बोली लगाने के बाद भी, नखास क्षेत्र का अंतिम आवंटन संबंधित विभाग की औपचारिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। अंतिम आवंटन और अन्य नियमों व शर्तों से जुड़ी विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

आरक्षित मूल्य से ₹1.19 करोड़ ज्यादा

हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। हर साल यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, व्यापारी और कारोबारी इकट्ठा होते हैं। मेले का ‘नखास’ हिस्सा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस बात से ही मेले के आर्थिक महत्व और कारोबारी समुदाय के बीच इसके आकर्षण का पता चलता है कि इस हिस्से के प्रबंधन के अधिकारों के लिए करोड़ों रुपयों की बोलियां लगाई जाती हैं। अब सबकी नज़रें सोनपुर मेला 2026 की तैयारियों और व्यवस्थाओं, तथा ‘नखास’ क्षेत्र के अंतिम आवंटन पर टिकी हैं।

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