Jharkhand Budget: झारखंड में वित्त वर्ष 2026-27 के नियोजित बजट के तहत खर्च की धीमी गति ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है और विकास आयुक्त को एक पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में होने वाली देरी, विकास योजनाओं को लागू करने में एक बड़ी बाधा है।
वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि टेंडर प्रक्रिया हर हाल में 60 दिनों के भीतर पूरी हो जाए। वित्त मंत्री के अनुसार, टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में अक्सर छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग जाता है।
Jharkhand Budget: रांची की सड़कें और जलापूर्ति योजनाएं क्यों अटकीं?
नतीजतन, कई योजनाओं पर काम समय से शुरू नहीं हो पाता जिससे आवंटित बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च होने से बच जाता है। मंत्री ने उन विभागों के सचिवों के साथ विशेष समीक्षा बैठकें करने पर जोर दिया है, जहां खर्च का स्तर कम है, ताकि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
आंकड़ों के अनुसार, संशोधित योजना बजट के लिए आवंटित 1,06,200.94 करोड़ रुपये में से, 22 अक्टूबर 2026 तक केवल 31,196.72 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए थे। यह कुल बजट का 29.38 प्रतिशत है। नतीजतन, वित्तीय वर्ष के बचे हुए महीनों में खर्च की गति बढ़ाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
दिसंबर 2026 तक 75,000 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए, 22 अक्टूबर तक हुए खर्च के अलावा लगभग 43,803 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे। इसके लिए हर दिन औसतन लगभग 626 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत होगी। वित्त मंत्री ने विभागों को निर्देश दिया है कि वे लंबित टेंडरों की प्रक्रिया में तेजी लाएं, कामकाज के तरीकों में सुधार करें और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं को तय समय के भीतर लागू किया जाए।
विभागों को बजट खर्च में तेजी लाने का निर्देश
बजट (Jharkhand Budget ) खर्च की धीमी गति राजधानी रांची की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी प्रभावित कर रही है। शहरी विकास विभाग के अंतर्गत JUDCO द्वारा क्रियान्वित की जा रही ‘ट्रांसपोर्ट नगर फेज-2’ परियोजना अभी तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई है। प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बावजूद, इस परियोजना की प्रगति में देरी हुई है। इसके अलावा, रांची में JUDCO द्वारा ही संचालित जल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति पर भी असर पड़ने की खबर है।

इस बीच, सड़क निर्माण विभाग के तहत राजधानी में लगभग 1,401 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 10 बड़ी सड़क परियोजनाएं शुरू की जानी हैं। हालांकि, यह देखा गया है कि प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण इन परियोजनाओं की प्रगति बाधित हुई है। सरकार के सामने अब मुख्य चुनौती इन लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने और आवंटित बजट का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने की है। आने वाले महीनों में विभागीय खर्च की गति ही यह तय करेगी कि इन विकास योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर कितनी जल्दी लागू किया जा सकता है।
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