AJSU के स्थापना दिवस पर सूर्य सिंह बेसरा ने झारखंड के राजनिति पर किताब (book) लॉन्च किया । लोगों का कहना है ये किताब (book) झारखंड के राजनिति के पहलुओं के बारे में बया करती है। पूर्व विधायक और AJSU के संस्थापक सूर्य सिंह बेसरा जिन्होंने कभी अलग राज्य की मांग के लिए अपनी विधानसभा सीट छोड़ दी थी। झारखंड आंदोलन और स्थानीय नेताओं के भ्रष्टाचार का ब्योरा देने वाली एक नई किताब (book) से हलचल मचा दी है। लगभग 222 पन्नों की इस किताब (book) में बेसरा ने बताया है कि कैसे बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने झारखंड आंदोलन को कमजोर करने के लिए उन्हें ₹1 करोड़ की पेशकश की थी और JMM के 19 विधायकों में से प्रत्येक को ₹1-1 करोड़ दिए थे।

इसके अलावा, किताब में प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान ‘गुरुजी’ शिबू सोरेन और सूरज मंडल जैसे नेताओं से जुड़े रिश्वत कांड के बारे में गंभीर बातें कही गई हैं। रांची के पुराने विधानसभा हॉल में AJSU के 72 घंटे आत्मोत्सर्ग नाम की किताब को लॉन्च करते हुए, उन्होंने अलग राज्य के आंदोलन में अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया और भ्रष्टाचार के कारण हुई देरी पर चर्चा की।
आपको बता दें कि झारखंड आंदोलन में AJSU की अहम भूमिका पर जोर देते हुए, उन्होंने ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह AASU असम में अलग राज्य के लिए मुखर थी, उसी तरह AJSU झारखंड में एक उग्र गुट के रूप में आंदोलन का नेतृत्व कर रही थी। इसी वजह से बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने MCC के साथ-साथ AJSU को भी प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था।
वैसे ये किताब AJSU के स्थापना दिवस पर इस किताब को लॉन्च करके सूर्य सिंह बेसरा ने 2029 की चुनावी राजनीति के लिए रणनीति बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने युवाओं से आगे आने का आह्वान किया और कहा कि झारखंड के युवाओं की पार्टी ही न कि कोई “कॉकरोच पार्टी” यहां सफल होगी। देश में को कॉकरोच पार्टी का जरूरत है ।
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