देवघर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल हुए। विशेष विमान से देवघर पहुंचे उपराष्ट्रपति का झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने बुके भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
डिग्रियां और मेडल पाकर खिले युवा डॉक्टरों के चेहरे
दीक्षांत समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने मेडिकल के सफल छात्र-छात्राओं को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 11 मेधावी विद्यार्थियों को विशेष सम्मान और पदकों से नवाजा गया।
ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में सेवा का आह्वान
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और चिकित्सा सेवा को एक पुनीत कार्य बताया। उन्होंने डॉक्टरों से विशेष अपील करते हुए कहा- युवा चिकित्सक ग्रामीण, सुदूर और सामाजिक रूप से वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आगे आएं। साथ ही सथा चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति के मानवीय मूल्यों और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का संतुलन बनाए रखें।
ड्रोन तकनीक से दवा वितरण पहल की सराहना
उपराष्ट्रपति ने एम्स देवघर द्वारा दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के जरिए आपातकालीन दवाइयां व चिकित्सा सामग्री पहुंचाने की पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस तरह का उपयोग अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
सैन्य संपर्क मेला के लिए हुए रवाना
दीक्षांत समारोह के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दर्दमारा स्थित बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट (BBMT) परिसर के लिए रवाना हो गए, जहां वे पूर्व सैनिकों और सुरक्षा बलों के सम्मान में आयोजित ‘सैन्य संपर्क मेला’ में शिरकत करेंगे।







