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वॉशिंगटन पोस्ट में बड़ी छंटनी, एक तिहाई स्टाफ को नौकरी से हटाया

On: February 5, 2026 5:28 PM
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वॉशिंगटन पोस्ट में बड़ी छंटनी, एक तिहाई स्टाफ को नौकरी से हटाया
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दुनिया के प्रसिद्ध समाचार पत्रों में शामिल द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए करीब एक तिहाई कर्मचारियों की छंटनी की है। इस फैसले से 300 से अधिक पत्रकार और कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। प्रबंधन ने इसे बदलते मीडिया परिदृश्य और आर्थिक दबावों के बीच अनिवार्य पुनर्गठन बताया है। इस छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर की भी नौकरी चली गई है।

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किन विभागों पर सबसे ज्यादा असर

छंटनी के तहत न्यूजरूम की संरचना में व्यापक बदलाव किए गए हैं।

  • खेल (स्पोर्ट्स) डेस्क और कुछ विशेष कवरेज टीमों का आकार घटाया गया है।

  • अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो का पुनर्गठन किया गया है, जिससे विदेशी रिपोर्टिंग सीमित होगी।

  • बुक्स सेक्शन और कुछ डिजिटल प्रोजेक्ट्स/पॉडकास्ट को बंद या दूसरे डापार्टमेंट के साथ मर्ज किया गया है।

इन बदलावों का सीधा असर अख़बार की रिपोर्टिंग क्षमता और वैश्विक कवरेज पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईशान थरूर समेत कई वरिष्ठ पत्रकार प्रभावित

छंटनी में वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार ईशान थरूर भी शामिल हैं। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी लेखनी अख़बार की पहचान रही है। कई अनुभवी पत्रकारों के जाने से न्यूजरूम के भीतर भावनात्मक माहौल बना हुआ है और कर्मचारियों ने इसे कठिन दौर बता रहे हैं।

प्रबंधन की दलील

अख़बार के शीर्ष प्रबंधन का कहना है कि पाठकों की आदतों में बदलाव, डिजिटल प्रतिस्पर्धा और राजस्व दबाव के चलते संगठन को ये कदम उठाना पड़ा। रणनीति के तहत उन क्षेत्रों पर फोकस बढ़ाया जाएगा जहां अख़बार की पहचान और प्रभाव सबसे अधिक है।

मीडिया जगत में चिंता और बहस

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की व्यापक छंटनी पत्रकारिता की गुणवत्ता, विविध कवरेज और ग्राउंड रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकती है। वहीं कुछ जानकारों का मानना है कि यह फैसला पारंपरिक मीडिया के सामने खड़ी चुनौतियों का संकेत है, जहां एक टिकाऊ मॉडल तलाशना जरूरी हो गया है।

वॉशिंगटन पोस्ट का यह कदम बताता है कि प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान भी डिजिटल युग की चुनौतियों से अछूते नहीं हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पुनर्गठन के बाद अख़बार अपनी विश्वसनीयता, गहराई और वैश्विक प्रभाव पर किस तरह का असर पड़ता।

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