पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व MLA निर्मला देवी का आज सुबह रिहा कर दिया गया।गरुवार शाम को इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों NTPC के चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना में मुआवजा सहित स्थानीय मांगों को लेकर पिछले कई हफ्ते से आंदोलन कर रहे थे। इनके आंदोलन और धरना की वजह से खनन और ट्रांसपोर्टिंग का काम लगातार प्रभावित हो रहा था। योगंद्र साव और निर्मला बड़कागांव के पूर्व MLA अम्बा प्रसाद के माता-पिता है। जो कि कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं और विडंबना ये है कि फिलहाल प्रदेश में जेएमएम और कांग्रेस की मिलीजुली सरकार है।

एनटीपीसी के चट्टीबारियातु कोयला खनन परियोजना को लेकर पिछले 31 दिसंबर से कंपनी के खिलाफ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी आंदोलन कर रहे थे। इनके समर्थक रामकुमार दुबे, कीर्तन राम और तीन अन्य महिलाओं को भी पगार ओपी और केरेडारी थाना की पुलिस ने हिरासत में लिया था।
पूर्व मंत्री के विरोध के कारण 19 जनवरी से माइंस में खनन और 27 जनवरी से ट्रांसपोर्टेशन बंद था। करीब एक महीने बाद 18 फरवरी को भारी पुलिस बल और प्रशासन के सहयोग से CB माइंस में काम और ट्रांसपोर्टेशन फिर से शुरू हुआ। जिसे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने गुरुवार को फिर से बंद कराने की कोशिश की । जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर फिर से काम शुरु किया गया।
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बडकागांव से बीजेपी के MLA रौशनलाल चौधरी का योगेंद्र साव के विरोध प्रदर्शन को नौटंकी और प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही कहा है।
वहीं बड़कागांव मामले को लेकर जयराम महतो ने सरकरा की आलोचन कारते हुए इसे ईस्ट इंडिया कंपनी का राज कहा है। साथ ही डुमरी से JKLM विधायक जयराम महतो ने जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार को शर्मनाक बताया।





