झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने ISM(IIT) धनबाद में इनवेंटिव 2026 का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और शोध ही भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज के बदलते ग्लोबल कंडीशन में भारत को तकनीकी रूप से और सशक्त बनने की जरूरत है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध से ऊर्जा संकट की चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं की क्रिएटिविटी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यही शक्ति भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।

उन्होंने कहा कि “इनवेंटिव 2026” नई टेक्नोलॉजी, निवेश और अनुसंधान को एक साथ लाकर देश को नई दिशा देने का काम कर रहा है। यहां से निकलने वाले संवाद और साझेदारियां नए स्टार्टअप, अत्याधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसरों को जन्म देंगी। लैब से निकलकर जमीन तक शोध को पहुंचाने में ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका होती है।
राज्यपाल ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने न केवल अपनी जरूरतों को पूरा किया बल्कि कई देशों को दवाएं और टीके उपलब्ध कराकर वैश्विक स्तर पर अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। उन्होंने जोर दिया कि भारत को आगे भी वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी।
दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर के 15 IIT, 7 NIT और आईआईएसईआर जैसे प्रमुख संस्थान भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां नई तकनीकों, शोध और नए प्रयोग का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह आयोजन शोध को व्यावहारिक रूप देने और उसे सीधे समाज और उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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