धनबाद पुलिस और RPF के एक संयुक्त अभियान में रेलवे यार्ड से गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। सूचना मिली थी कि धनसार थाना क्षेत्र के काठपुल बरमसिया स्थित रेलवे यार्ड से ‘गंगा-सतलुज’ ट्रेन के ज़रिए अवैध गांजे की तस्करी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग पांच किलोग्राम गांजा और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस दौरान एक आरोपी मौके से भाग निकलने में सफल रहा।

धनबाद शहर के MP ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोटरसाइकिल से गांजा लेकर वहां पहुंचे हैं। वे इसे गंगा-सतलुज ट्रेन के ज़रिए तस्करी करने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही, धनसार थाना और RPF की गश्ती टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर काठपुल रेलवे यार्ड को चारों ओर से घेर लिया।
छापेमारी के दौरान देखा गया कि युवक मोटरसाइकिल से उतरकर दूसरे युवक को एक बैग सौंप रहा था। तभी बाइक पर बैठा एक आरोपी पुलिस को देखते ही मौके से फरार हो गया, जबकि अन्य दो युवकों को पुलिस ने दबोच लिया। तलाशी लेने पर, बैग के अंदर पाँच अलग-अलग प्लास्टिक की थैलियों में रखा लगभग पाँच किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनसार थाना क्षेत्र के दुहाटांड़ निवासी 37 वर्षीय मुकेश राम और जामताड़ा जिले के फतेहपुर निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार मोदी के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान, राहुल मोदी ने पुलिस को बताया कि वह रेलवे में अटेंडेंट के तौर पर काम करता है और ट्रेन के ज़रिए गांजे की तस्करी करता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी इस अवैध धंधे में लिप्त रहा है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। इस अभियान में धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली, ज़ोनल अधिकारी राम प्रवेश कुमार, RPF और सशस्त्र बल के पुलिसकर्मी शामिल थे।
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