आज देशभर में मोहिनी एकादशी मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व है लेकिन मोहिनी एकादशी को उनमें भी अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह व्रत वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आता है और इसे पापों का नाश करने वाला तथा मोक्ष देने वाला व्रत कहा गया है।

मोहिनी एकादशी क्यों है खास?
पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। यह वही दिव्य रूप था जिसमें उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान अमृत वितरण के समय असुरों को भ्रमित कर देवताओं को अमृत पिलाया था। इसी कारण इस एकादशी को ‘मोहिनी एकादशी’ कहा जाता है। यह व्रत केवल उपवास नहीं बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति के कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
किस भगवान की होती है पूजा?
मोहिनी एकादशी के दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है। भक्त इस दिन विष्णु सहस्रनाम, विष्णु स्तुति और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हैं।
मोहिनी एकादशी केवल उपवास का दिन नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और मोक्ष की दिशा में एक आध्यात्मिक अवसर है। भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
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