पश्चिम बंगाल विधानसभा रिजल्ट के पहले काउंटिंग वाली लड़ाई में ममता बनर्जी को जोर का झटका लगा है। टीएमसी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। जिसमें काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को सही ठहराया है। टीएमसी ने काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति का विरोध किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ अपने फैसले में कहा कि ये नियमों के खिलाफ नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल चुनाव रिजल्ट के लिए काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े चुनाव आयोग के फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की स्पेशल बेंच ने साफ कहा कि इस मामले में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर काम कर रहा है।
इससे पहले ममता बनर्जी की टीएमसी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी झटका दिया था। इस तरह काउंटिंग वाली लड़ाई में टीएमसी और ममता बनर्जी हार चुकी हैं। चलिए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में आज 2 मई को क्या क्या हुआ। टीएमसी की याचिका में वोटों की गिनती के लिए केवल केंद्र सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों को चुने जाने के चुनाव आयोग के फैसले चुनौती दी गई थी। TMC की आपत्ति इस बात को लेकर थी कि राज्य सरकार और राज्य PSU के कर्मचारियों को इसमे शामिल नहीं किया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने दो दिन पहले टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया था।
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