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कोडरमा की तमाय पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित फर्जीवाड़ा, जांच शुरू

On: May 13, 2026 1:20 PM
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कोडरमा की तमाय पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित फर्जीवाड़ा, जांच शुरू
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निर्माणाधीन मकान की तस्वीर दिखाकर योजना की राशि लेने का आरोप

कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत तमाय पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। हाल ही में बेहतर योजनाओं के क्रियान्वयन और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित हुई इस पंचायत पर अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

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ग्रामीण कामेश्वर यादव ने आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी मनोज राणा ने उनके निर्माणाधीन मकान की तस्वीर का उपयोग कर प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि प्राप्त कर ली। मामले के सामने आने के बाद गांव में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है।

जांच टीम पहुंचने पर हुआ खुलासा

ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांच टीम गांव पहुंची और योजनाओं की जांच शुरू की गई। पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि भुवनेश्वर यादव के अनुसार, जांच के दौरान यह सामने आया कि कामेश्वर यादव के निर्माणाधीन मकान की तस्वीर के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त निकाली गई है।

भुवनेश्वर यादव ने पंचायत में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना ही नहीं, बल्कि पंचायत की कई अन्य योजनाओं में भी अनियमितताओं की शिकायत लगातार मिल रही है।

मुखिया और पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में योजनाओं के क्रियान्वयन में मुखिया और पंचायत सचिव की मिलीभगत से गड़बड़ी हुई है। मामले को लेकर भुवनेश्वर यादव ने ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव को आवेदन भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो कई और अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मुखिया सीमा देवी ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं तमाय पंचायत की मुखिया सीमा देवी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों का चयन ग्राम सभा में ग्रामीणों की मौजूदगी में किया जाता है।

मुखिया के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान से संबंधित कार्य पंचायत सचिव और संबंधित विभाग के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान पंचायत सचिव योजनाओं की जानकारी उनसे साझा नहीं करते हैं।

जिला प्रशासन ने शुरू की जांच

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला उपायुक्त के निर्देश पर प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच में पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी।

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