देश में बढ़ती ईंधन खपत और सरकारी खर्च को कम करने की दिशा में प्रधानमंत्री Narendra Modi की पहल का असर अब राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है।

बुधवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन विधायक पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के फैसले देश और जनता के हित में हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्य के DGP को निर्देश दिया है कि उनके काफिले में जरूरत से ज्यादा वाहन शामिल न किए जाएं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने तुरंत प्रभाव से अपने काफिले की गाड़ियां कम कर दी हैं और सभी जनप्रतिनिधियों को ईंधन बचाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का फैसला किया है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। हालांकि, नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की बात कही गई है।
देशभर में दिख सकता है असर
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई अन्य मंत्री और नेता भी अपने काफिलों को छोटा करने और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कदम उठा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह सरकारी खर्च कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम माना जाएगा।
क्यों जरूरी है ईंधन बचाना?
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत कम होगी
सरकारी खर्च में कमी आएगी
प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा
ऊर्जा बचत को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ेगी
सरकार की यह पहल अब केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि देशभर में ऊर्जा बचत का बड़ा संदेश बनती नजर आ रही है।





