केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे की प्रोफेसर मनिषा गुरुनाथ मांढरे को गिरफ्तार किया है। मामले की सुनवाई के दौरान CBI ने कोर्ट से 14 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मांढरे को 14 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने लंबी कस्टडी का विरोध किया और CBI की मांग पर आपत्ति जताई।

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब तक देश के अलग-अलग शहरों से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। CBI अब मनिषा मांढरे से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि इस पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका क्या थी और किन-किन लोगों की इसमें संलिप्तता थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मनिषा मांढरे महाराष्ट्र की वरिष्ठ शिक्षिका हैं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से विशेषज्ञ के रूप में जुड़ी हुई थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच प्राप्त थी। वह पुणे के शिवाजीनगर स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में कार्यरत थीं।
CBI का आरोप है कि मनिषा मांढरे NEET UG 2026 परीक्षा के लिए बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न तैयार करने वाली टीम का हिस्सा थीं। इसी वजह से उन्हें परीक्षा से पहले ही गोपनीय सवालों की जानकारी मिल गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने कुछ चुनिंदा छात्रों की पहचान की थी। यह काम कथित तौर पर सह-आरोपी मनिषा वाघमारे के जरिए किया गया, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
CBI जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पुणे स्थित मांढरे के घर पर विशेष कोचिंग सेशन आयोजित किए गए थे। इन सेशन्स में छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के महत्वपूर्ण सवाल नोटबुक में लिखने और किताबों में मार्क करने के निर्देश दिए गए थे।
अधिकारियों का दावा है कि इन सवालों में से कई प्रश्न बाद में NEET UG 2026 के वास्तविक प्रश्नपत्र में शामिल पाए गए। मामले को लेकर जांच एजेंसियां लगातार सबूत जुटाने और अन्य आरोपियों की पहचान करने में लगी हुई हैं।





